The Greatest Guide To Karm shuddhi

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा

अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.

चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,

भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।

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गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने here से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें। 

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